नियम एवं शर्तें
सदस्यता, आकस्मिक निधन सहायता तथा बेटी विवाह शगुन योजना से संबंधित पात्रता, दायित्व, प्रक्रिया और पारदर्शिता के लिए लागू संशोधित नियमावली।
महत्वपूर्ण संशोधन एक नज़र में
वार्षिक दान: ₹100 सदस्यता आयु: 18–65 वर्ष अधिकतम सदस्यता: 70 वर्ष योजना प्रारंभ: 01 सितम्बर 2026 एक वर्ष में अधिकतम एक योजना लाभ1. संस्था, उद्देश्य एवं सदस्यता
- Gaurakshak का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक आवश्यकता के समय आर्थिक, शैक्षिक, न्यायिक, सामाजिक एवं मानवीय सहयोग को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुँचाना है।
- सरकारी, संविदा, आउटसोर्सिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, सिंचाई, जल निगम, राजस्व, ग्राम्य विकास, परिवहन, रेल, बाल विकास, विद्युत, बैंकिंग, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट तथा अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारी/अधिकारी सदस्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- सरकारी एवं निजी विद्यालय/महाविद्यालय/मदरसा के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं प्रबंधक, निजी क्षेत्र के कर्मचारी/अधिकारी, अधिवक्ता, मीडियाकर्मी, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स, किसान, मजदूर, व्यापारी, कारीगर, गृहिणी एवं छात्र-छात्राएं भी निर्धारित शर्तों के अधीन सदस्य बन सकते हैं।
- सदस्यता के लिए उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अथवा उत्तर प्रदेश में सरकारी/निजी क्षेत्र में कार्यरत होना आवश्यक है।
- सदस्यता की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा अधिकतम आयु 65 वर्ष होगी। सदस्य बनने के बाद सदस्यता अधिकतम 70 वर्ष की आयु तक बनाए रखी जा सकेगी। 70 वर्ष पूर्ण होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
- सदस्यता के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर निर्धारित ऑनलाइन फॉर्म भरना तथा लागू नियमों को स्वीकार करना आवश्यक होगा।
- प्रत्येक सदस्य को संस्था के लिए ₹100 वार्षिक दान देना अनिवार्य होगा।
2. वार्षिक दान एवं सदस्यता की वैधता
- वार्षिक दान की देय तिथि से अधिकतम 45 दिनों की अतिरिक्त अवधि उपलब्ध होगी।
- इस अवधि के भीतर ₹100 वार्षिक दान जमा कर उसकी लेन-देन रसीद/स्क्रीनशॉट सदस्य प्रोफाइल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
- निर्धारित अवधि में वार्षिक दान जमा न करने पर सदस्यता स्वतः निष्क्रिय/समाप्त हो सकती है और सदस्य संबंधित योजनाओं के लिए अपात्र माना जा सकता है।
3. आधिकारिक सूचना व्यवस्था
सदस्यों को आधिकारिक WhatsApp/Telegram समूह तथा वेबसाइट के माध्यम से जारी सूचनाओं से नियमित रूप से अपडेट रहना होगा। आधिकारिक सूचना उपलब्ध होने के बावजूद सदस्य द्वारा सूचना न देखने से उत्पन्न किसी पात्रता अथवा वैधता संबंधी परिणाम की जिम्मेदारी संबंधित सदस्य की होगी।
4. आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना
- यदि किसी वैधानिक सदस्य का असामयिक निधन हो जाता है, तो संस्था द्वारा नियमों के अनुसार आधिकारिक सहयोग आह्वान जारी किया जा सकता है।
- अन्य पात्र सदस्य निर्धारित न्यूनतम राशि के अनुसार दिवंगत सदस्य द्वारा नामित लाभार्थी/नॉमिनी के बैंक खाते में सीधे आर्थिक सहयोग भेजेंगे। वर्तमान न्यूनतम सहयोग राशि ₹50 प्रति सदस्य निर्धारित है। संस्था सदस्य संख्या, परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इस राशि को घटा या बढ़ा सकती है।
- सहयोग भेजने वाले सदस्य के लिए वेबसाइट पर लेन-देन विवरण भरना तथा भुगतान रसीद अपलोड करना आवश्यक होगा।
- अपलोड की गई रसीदों और पात्रता की जाँच आवेदन/सत्यापन प्रक्रिया के दौरान की जा सकती है।
5. हेल्पलाइन एवं तकनीकी सहायता
सदस्यता, आवेदन, भुगतान अथवा तकनीकी सहायता से संबंधित जानकारी के लिए संस्था द्वारा उपलब्ध आधिकारिक हेल्पलाइन/WhatsApp माध्यम का उपयोग किया जा सकता है। संपर्क विवरण में परिवर्तन होने पर वेबसाइट पर प्रकाशित नवीनतम जानकारी ही मान्य होगी।
6. सत्यापन, निर्णय एवं सहयोग की प्रकृति
- संस्था का अधिकृत/संस्थापक मंडल सदस्यता, पात्रता, दस्तावेज, वैधानिक स्थिति तथा योजना संबंधी मामलों की जाँच कर आवश्यक निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगा।
- योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहयोग संस्था के नियमों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार नैतिक/सामाजिक सहयोग है; इसे किसी व्यक्ति का स्वतः प्रवर्तनीय कानूनी अधिकार नहीं माना जाएगा।
- सत्यापन के दौरान गलत, अधूरी, भ्रामक या विरोधाभासी जानकारी मिलने पर आवेदन रोकने, अस्वीकार करने अथवा सदस्यता पर निर्णय लेने का अधिकार संस्था के पास रहेगा।
7. गलत भुगतान की स्थिति
यदि किसी सदस्य द्वारा भूलवश निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किसी लाभार्थी के खाते में चला जाता है, तो पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत होने पर संबंधित लाभार्थी से अतिरिक्त राशि वापस कराने का अनुरोध किया जाएगा। संस्था राशि की वापसी के लिए यथासंभव सहयोग करेगी, परंतु गलत भुगतान की स्वतः वापसी की गारंटी नहीं देती।
8. सहयोग में निरंतरता एवं पुनः वैधता
यदि कोई सदस्य योजना के निर्धारित सहयोग अवसरों में आवश्यक न्यूनतम भागीदारी नहीं करता और परिणामस्वरूप उसकी वैधता प्रभावित होती है, तो संस्था के लागू नियमों के अनुसार लगातार 12 माह निर्धारित सहयोग पूरा करने के बाद पुनः वैधानिक सदस्यता/पात्रता प्राप्त करने का अवसर दिया जा सकता है।
9. आत्महत्या से संबंधित प्रावधान
आत्महत्या की स्थिति में आकस्मिक निधन आर्थिक सहयोग योजना के अंतर्गत सामान्य सहयोग आह्वान नहीं किया जाएगा। अन्य परिस्थितियों में मृत्यु के मामले संस्था द्वारा पात्रता, सत्यापन और लागू नियमों के अनुसार देखे जाएंगे।
10. नॉमिनी द्वारा हत्या की स्थिति
यदि जाँच/सक्षम दस्तावेजों के आधार पर यह स्थापित होता है कि नामित नॉमिनी ने स्वयं सदस्य की हत्या की है, तो ऐसे नॉमिनी को योजना के अंतर्गत आर्थिक सहयोग नहीं दिया जाएगा। आवश्यकता होने पर संस्था उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों के आधार पर किसी अन्य उपयुक्त नॉमिनी पर विचार कर सकती है।
11. आर्थिक सहयोग की प्रक्रिया
आर्थिक सहयोग सीधे लाभार्थी/नॉमिनी के सत्यापित बैंक खाते में कराया जा सकता है। भुगतान प्रक्रिया, लाभार्थी चयन और सत्यापन संस्था के लागू नियमों के अधीन होंगे।
12. अनुशासन, दुष्प्रचार एवं आचरण
- बिना प्रमाण संस्था के विरुद्ध गंभीर आरोप, भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने की स्थिति में संस्था उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सदस्यता पर कार्रवाई कर सकती है तथा आवश्यक होने पर विधिक उपाय अपना सकती है।
- किसी पदाधिकारी/कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी, धोखाधड़ी, जालसाजी या संस्था-विरोधी अनुचित गतिविधि प्रमाणित होने पर सदस्यता निलंबित/रद्द की जा सकती है।
13. आकस्मिक निधन योजना में आवेदन की समय-सीमा
मृत्यु की तिथि से 20 दिनों के भीतर वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक होगा। यदि इस अवधि में मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं हो पाया हो, तो स्थानीय ग्राम प्रधान/सभासद/पार्षद द्वारा प्रमाणित मृत्यु तिथि के आधार पर प्रारंभिक आवेदन किया जा सकता है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी होने के बाद उसे आधिकारिक माध्यम पर जमा करना अनिवार्य होगा।
14. ₹100 वार्षिक दान का उपयोग
- वेबसाइट एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के निर्माण और संचालन में
- मोबाइल ऐप एवं तकनीकी सेवाओं के विकास/रखरखाव में
- जिला एवं प्रदेश कार्यालयों के आवश्यक संचालन व्यय में
- हेल्पलाइन/सहायता स्टाफ के मानदेय में
- लाभार्थियों एवं सदस्य मामलों के स्थलीय सत्यापन में
- प्रचार-प्रसार, प्रिंट सामग्री एवं सदस्यता अभियान में
- पारदर्शिता, सुरक्षा एवं तकनीकी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में
- जरूरतमंद व्यक्तियों एवं छात्रों के हित में सहायता कार्यक्रमों में
- जिला/प्रदेश स्तर की कार्यशालाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों में
- जरूरतमंदों को कंबल एवं आवश्यक वस्तुओं के वितरण में
- प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता में
- कार्यालय संबंधी वैध संचालन व्यय में
- अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा सहायता में
- अंतिम संस्कार हेतु निर्धारित सहायता कार्यक्रमों में
15. एक वर्ष में एक ही योजना का लाभ
यह प्रावधान उपलब्ध संसाधनों का संतुलित वितरण, अधिक से अधिक परिवारों तक सहायता पहुँचाने और योजनाओं में समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू है।
16. बेटी विवाह शगुन योजना — संशोधित नियमावली
- योजना का प्रभावी शुभारंभ: बेटी विवाह शगुन योजना का संशोधित रूप 01 सितम्बर 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
- 23 फरवरी 2025 से पहले पंजीकृत सदस्यों के लिए पूर्व निर्धारित लॉक-इन संबंधी छूट/शर्तें संस्था द्वारा जारी नवीनतम नियमों के अनुसार लागू होंगी।
- 21 मार्च 2025 से पंजीकृत सदस्यों के लिए लॉक-इन अवधि 2 वर्ष निर्धारित थी तथा 21 मई 2026 से नए सदस्यों के लिए इसे 30 माह किया गया है। वर्तमान पात्रता उसी लागू व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होगी।
- योजना की पात्रता के लिए सदस्य का निर्धारित लॉक-इन पूरा होना आवश्यक है। बेटी का अलग लॉक-इन पूरा होना अनिवार्य नहीं होगा, जहाँ इस नियमावली में अन्यथा स्पष्ट न किया गया हो।
- सदस्य को सदस्यता तिथि से बेटी के विवाह की तिथि तक योजना के निर्धारित सहयोग अवसरों में कम से कम 90% भागीदारी बनाए रखना आवश्यक होगा।
- आकस्मिक निधन सहायता से संबंधित सदस्य की वैधानिक स्थिति भी योजना पात्रता के समय संतोषजनक होना आवश्यक है।
- सभी बेटियों के लिए समान अवसर: पात्रता शर्तें पूरी करने वाली सदस्य की सभी पात्र बेटियां इस योजना में लाभ के लिए आवेदन कर सकती हैं। पूर्व की संख्या-सीमा संबंधी प्रतिबंध हटाया जाता है। प्रत्येक बेटी के आवेदन का मूल्यांकन उसके दस्तावेज, पात्रता और लागू योजना नियमों के आधार पर किया जाएगा।
- सदस्य स्वयं के विवाह के लिए इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा।
- यदि बेटी के माता-पिता उपलब्ध नहीं हैं या निर्धारित विशेष परिस्थितियों में पात्रता बनती है, तो बेटी/उसके भाई द्वारा सदस्यता एवं सहयोग से संबंधित विशेष प्रावधान लागू हो सकते हैं।
- यदि पति-पत्नी दोनों सदस्य हैं, तो एक ही बेटी के एक विवाह के लिए पति या पत्नी में से केवल एक व्यक्ति इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेगा।
- बाल विवाह को रोकने के उद्देश्य से जिस बेटी के विवाह हेतु आवेदन किया जा रहा है, उसके लिए लागू आयु एवं सदस्यता संबंधी शर्तों का पालन आवश्यक होगा।
- यदि बेटी 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी है, तो लागू नियमों के अनुसार उसकी सदस्यता एवं योजना में सहयोग आवश्यक होगा। 18 वर्ष से कम आयु होने पर 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद लागू समय-सीमा के भीतर सदस्यता लेना आवश्यक होगा।
- योजना में प्रति सदस्य प्रति बेटी विवाह के लिए अधिकतम आर्थिक सहयोग राशि ₹11 निर्धारित है। संस्था परिस्थितियों, सदस्य संख्या और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार इसे संशोधित कर सकती है।
- बेटी विवाह शगुन योजना में सहयोग न करने से आकस्मिक निधन सहायता योजना की वैधानिकता स्वतः प्रभावित नहीं होगी, बशर्ते आकस्मिक निधन योजना की सभी अलग-अलग शर्तें पूरी की गई हों।
- विवाह तिथि से कम से कम 30 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा ताकि सत्यापन एवं सहयोग प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहे।
- यदि विशेष परिस्थिति में भाई अपनी बहन के विवाह के लिए आवेदन करता है, तो भाई-बहन का संबंध तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- माता-पिता की मृत्यु अथवा निर्धारित आयु-संबंधी विशेष परिस्थिति में भाई/बहन की सदस्यता एवं पात्रता संस्था के सत्यापन के अधीन होगी।
- यदि बेटी के विवाह से पहले उस माता/पिता सदस्य का निधन हो जाता है जो योजना के लिए निर्धारित अवधि पूरी कर रहा था, तो लागू शर्तों के अनुसार दूसरे अभिभावक की सदस्यता में पूर्व सदस्य की सदस्यता अवधि को जोड़ा जा सकता है। यदि आकस्मिक निधन योजना का लागू लॉक-इन पहले ही पूरा हो चुका हो, तो यह विशेष प्रावधान लागू नहीं होगा।
17. भविष्य की योजनाएं
भविष्य में सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना, गंभीर बीमारी/उपचार, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा सिविल सर्विसेज की तैयारी जैसे क्षेत्रों में नई योजनाएं और उनकी पात्रता शर्तें लागू की जा सकती हैं। प्रत्येक नई योजना के लिए वेबसाइट पर प्रकाशित नवीनतम नियम ही मान्य होंगे।
18. अंतिम एवं सर्वोपरि प्रावधान
सदस्यता प्राप्त करना इस बात की स्वीकृति माना जाएगा कि सदस्य ने लागू नियमों, पात्रता शर्तों, सत्यापन प्रक्रिया और योजना की सहयोग-आधारित प्रकृति को पढ़कर समझ लिया है।