नियम, शर्तें एवं कानूनी मार्गदर्शिका
सदस्यता, वार्षिक सहयोग, आकस्मिक निधन आर्थिक सहायता, बेटी विवाह योजना तथा विधिक क्षेत्राधिकार से संबंधित पात्रता, अधिकार, प्रक्रिया और दायित्वों की सर्वमान्य आधिकारिक संशोधित नियमावली।
IFSC: INDB0000550
"जिनके माता पिता दोनों इस दुनिया में नहीं है तो उस बेटी के भाई ही नामनी होगा और अभिभावक होगा लेकिन बेटी ही मेम्बर होगी।"
इस विशेष संरक्षण नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि माता-पिता विहीन बेटी का कानूनी व सामाजिक अधिकार अक्षुण्ण रहे, सदस्य के रूप में उसका नाम पंजीकृत रहे तथा भाई अभिभावक व नॉमिनी के रूप में समस्त दायित्वों का निर्वहन करे।
"यदि कोई पक्ष कानून से संबंधित परामर्श अथवा कानूनी कार्रवाई करना चाहता है, तो समस्त कानूनी विवादों का निस्तारण केवल लखनऊ स्थित क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ही किया जाएगा।"
संस्था की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रत्येक सदस्य, नॉमिनी, प्रतिनिधि अथवा पक्षकार पर लखनऊ (उत्तर प्रदेश) क्षेत्राधिकार पूर्ण रूप से बाध्यकारी होगा।
संस्था, उद्देश्य एवं सदस्यता पात्रता
- संस्था का पावन उद्देश्य: Gaurakshak rakshak force foundation का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, गौवंश संरक्षण, गरीब व असहाय परिवारों तक आवश्यकता के समय आर्थिक, शैक्षिक, न्यायिक, सामाजिक एवं मानवीय सहयोग को पूर्ण पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और त्वरित गति से पहुँचाना है।
- पात्र नागरिक वर्ग: सरकारी, संविदा, आउटसोर्सिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, सिंचाई, जल निगम, राजस्व, ग्राम्य विकास, परिवहन, रेल, बाल विकास, विद्युत, बैंकिंग, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट तथा अन्य समस्त विभागों में सेवारत कर्मचारी/अधिकारी सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं।
- सामान्य नागरिक एवं व्यवसायी: सरकारी एवं निजी विद्यालय/महाविद्यालय/मदरसा के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी व प्रबंधक, निजी क्षेत्र के कर्मचारी/अधिकारी, अधिवक्ता, मीडियाकर्मी, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्सिंग स्टाफ, किसान, मजदूर, व्यापारी, कारीगर, गृहिणी एवं छात्र-छात्राएं भी निर्धारित शर्तों के अधीन वैधानिक सदस्य बन सकते हैं।
- निवास व कार्यक्षेत्र शर्त: सदस्यता हेतु उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अथवा उत्तर प्रदेश के सरकारी/निजी क्षेत्र में कार्यरत होना अनिवार्य है।
- सदस्यता आयु सीमा (18 से 65 वर्ष): सदस्यता की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा अधिकतम आयु 65 वर्ष होगी। सदस्य बनने के पश्चात सदस्यता अधिकतम 70 वर्ष की आयु तक बनाए रखी जा सकेगी। 70 वर्ष पूर्ण होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
- ऑनलाइन आवेदन व स्वीकृति: सदस्यता के लिए आधिकारिक पोर्टल पर निर्धारित ऑनलाइन फॉर्म भरना, केवाईसी दस्तावेज प्रस्तुत करना तथा लागू नियमावली को डिजिटल रूप से स्वीकार करना अनिवार्य होगा।
- वार्षिक दान दायित्व: प्रत्येक वैधानिक सदस्य को संस्था संचालन व तकनीकी प्रबंधन हेतु ₹100 वार्षिक दान देना अनिवार्य होगा।
वार्षिक दान एवं सदस्यता की वैधता
- 45 दिनों की अतिरिक्त ग्रेस अवधि: वार्षिक दान की निर्धारित देय तिथि से अधिकतम 45 दिनों की अतिरिक्त समयावधि उपलब्ध होगी ताकि किसी सदस्य की सदस्यता आकस्मिक रूप से प्रभावित न हो।
- भुगतान रसीद अपलोड: निर्धारित अवधि के भीतर ₹100 वार्षिक दान संस्था के अधिकृत बैंक खाते/UPI QR पर जमा कर उसकी बैंक रसीद या स्क्रीनशॉट (UTR सहित) सदस्य प्रोफाइल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
- निष्क्रियता परिणाम: निर्धारित ग्रेस अवधि में वार्षिक दान जमा न करने पर सदस्यता स्वतः निष्क्रिय/समाप्त हो जाएगी तथा सदस्य संबंधित कल्याणकारी योजनाओं के लाभ हेतु अपात्र माना जाएगा।
आधिकारिक सूचना व्यवस्था एवं संप्रेषण
संस्था के समस्त नियमों, आह्वान, सहयोग सूचियों तथा आवश्यक संशोधनों की सूचना आधिकारिक वेबसाइट (gaurakshak.in), अधिकृत WhatsApp ग्रुप तथा Telegram चैनल के माध्यम से जारी की जाती है। सदस्यों का यह दायित्व है कि वे इन आधिकारिक माध्यमों से निरंतर जुड़े रहें। अधिकृत सूचना उपलब्ध होने के बावजूद सदस्य द्वारा उसे न देखे जाने से उत्पन्न किसी पात्रता या परिणाम की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित सदस्य की होगी।
आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना
- सहयोग आह्वान: यदि किसी वैधानिक सक्रिय सदस्य का असामयिक निधन हो जाता है, तो केंद्रीय प्रबंधन द्वारा नियमों व सत्यापन के अनुसार आधिकारिक सहयोग आह्वान (Appeal) जारी किया जाएगा।
- न्यूनतम सहयोग राशि (₹100 प्रति सदस्य): आह्वान जारी होने पर सभी पात्र सदस्य दिवंगत सदस्य द्वारा नामित वैध नॉमिनी/लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे आर्थिक सहयोग भेजेंगे। वर्तमान में न्यूनतम सहयोग राशि ₹100 प्रति सदस्य निर्धारित है। संस्था सदस्यों की संख्या, परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इस राशि को घटा या बढ़ा सकती है।
- लेन-देन विवरण व रसीद: सहयोग राशि भेजने वाले प्रत्येक सदस्य के लिए पोर्टल पर UTR/Transaction विवरण भरना तथा बैंक रसीद अपलोड करना अनिवार्य होगा ताकि उसकी सक्रियता प्रमाणित रहे।
- पारदर्शिता एवं स्थलीय सत्यापन: अपलोड की गई सभी रसीदों, मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं नॉमिनी बैंक खाते का स्थलीय व तकनीकी सत्यापन किया जाएगा।
हेल्पलाइन, आधिकारिक संपर्क एवं तकनीकी सहायता
सदस्यता पंजीकरण, प्रोफाइल संशोधन, सहयोग रसीद अपलोड अथवा तकनीकी सहायता हेतु संस्था द्वारा आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर +919682999941 तथा ईमेल sunil.gaurakshak9@gmail.com उपलब्ध है। हेल्पलाइन समय कार्यदिवसों में प्रातः 10:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक रहेगा।
सत्यापन, संस्था का निर्णय एवं सहयोग की नैतिक प्रकृति
- संस्थापक/न्यासी मंडल का अधिकार: संस्था का अधिकृत न्यासी मंडल सदस्यता, पात्रता, दस्तावेज, वैधानिक स्थिति तथा योजनाओं के दावों की जाँच व अंतिम निर्णय हेतु पूर्णतः अधिकृत है।
- नैतिक व सामाजिक सहयोग: संस्था के अंतर्गत प्रदान किया जाने वाला आर्थिक सहयोग एक सामाजिक, नैतिक व पारिवारिक सहायता है। यह किसी भी सदस्य अथवा नॉमिनी का स्वतः प्रवर्तनीय कानूनी अधिकार (Legal Right) अथवा बीमा पॉलिसी (Insurance) नहीं है।
- असत्य जानकारी पर कार्रवाई: सत्यापन में गलत, फर्जी, भ्रामक अथवा विरोधाभासी दस्तावेज पाए जाने पर संस्था आवेदन को निरस्त करने, सदस्यता रद्द करने व वैधानिक कार्रवाई का अधिकार रखती है।
गलत अथवा अतिरिक्त भुगतान की स्थिति
यदि किसी सदस्य द्वारा भूलवश निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किसी लाभार्थी के खाते में चला जाता है, तो पुख्ता बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करने पर संस्था संबंधित लाभार्थी से अतिरिक्त राशि वापस कराने का सद्भावनापूर्ण अनुरोध करेगी। संस्था राशि वापसी हेतु हरसंभव नैतिक सहयोग करेगी, परंतु गलत अंतरण की स्वतः वापसी की कोई वित्तीय गारंटी संस्था पर नहीं होगी।
सहयोग में निरंतरता एवं पुनः वैधता नियम
यदि कोई सदस्य निर्धारित सहयोग अवसरों में न्यूनतम 90% भागीदारी नहीं करता और परिणामस्वरूप उसकी पात्रता प्रभावित होती है, तो संस्था के लागू नियमानुसार लगातार 12 माह निर्धारित सहयोगों में 100% भागीदारी पूरी करने के उपरांत ही उसकी वैधानिक पात्रता पुनः बहाल करने पर विचार किया जाएगा।
आत्महत्या (Suicide) से संबंधित सख्त प्रावधान
नॉमिनी द्वारा हत्या अथवा आपराधिक कृत्य
यदि पुलिस जाँच अथवा सक्षम कानूनी दस्तावेजों से यह प्रमाणित होता है कि नामित नॉमिनी ने स्वयं सदस्य की हत्या की है अथवा वह किसी आपराधिक षड्यंत्र में लिप्त है, तो ऐसे नॉमिनी को योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में संस्था सदस्य के अन्य वैध आश्रितों पर विचार कर सकती है।
सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहयोग की प्रक्रिया
सहयोग राशि संस्था के किसी मध्यस्थ खाते में रखने के बजाय सीधे दिवंगत सदस्य के सत्यापित नॉमिनी अथवा बेटी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष रूप से (Direct Bank Transfer) सदस्यों द्वारा अंतरित कराई जाती है। प्रत्येक सदस्य अंतरण का UTR पोर्टल पर दर्ज करता है जिससे पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित रहती है।
अनुशासन, दुष्प्रचार, संस्था-विरोधी आचरण एवं दंड
- बिना ठोस प्रमाण संस्था, पदाधिकारियों अथवा अन्य सदस्यों के विरुद्ध सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया अथवा सार्वजनिक मंचों पर अनर्गल आरोप, भ्रामक प्रचार या अफवाह फैलाने पर सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकेगी तथा संस्था विधिक मानहानि व कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखेगी।
- किसी भी पदाधिकारी/कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी, जबरन वसूली, जालसाजी या धोखाधड़ी प्रमाणित होने पर प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
आकस्मिक निधन योजना में आवेदन की समय-सीमा (20 दिन का नियम)
सदस्य के निधन की तिथि से 20 दिनों के भीतर संस्था के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। यदि मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी होने में समय लग रहा हो, तो स्थानीय ग्राम प्रधान/पार्षद/सभासद द्वारा प्रमाणित मृत्यु पत्र के आधार पर प्राथमिक आवेदन किया जा सकता है। तत्पश्चात सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी औपचारिक प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा। 20 दिन की अवधि के उपरांत प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
₹100 वार्षिक दान का सदुपयोग एवं परिचालन व्यय
सदस्यों द्वारा प्राप्त ₹100 वार्षिक अंशदान का उपयोग निम्नलिखित प्राथमिकताओं में पूर्ण पारदर्शी ढंग से किया जाता है:
- वेबसाइट, सर्वर एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन में
- मोबाइल एप्लीकेशन एवं साइबर सुरक्षा रखरखाव में
- मुख्यालय व जिला कार्यालयों के दैनिक परिचालन व्यय में
- 24x7 हेल्पलाइन व सहायता स्टाफ के मानदेय में
- लाभार्थियों एवं सदस्य मामलों के स्थलीय भौतिक सत्यापन में
- गौ सेवा, गौशाला चारा एवं बीमार गोवंश की चिकित्सा में
- अनाथ बच्चों की प्राथमिक शिक्षा व शिक्षण सामग्री में
- गरीब कन्याओं के विवाह सहयोग व कन्यादान सामग्री में
- प्राकृतिक आपदा व सड़क दुर्घटना पीड़ितों की तत्काल सहायता में
- शीत ऋतु में निर्धनों को कंबल व गर्म वस्त्र वितरण में
- ससम्मान अंतिम संस्कार सेवा एवं कफन सहायता में
- पारदर्शिता, वित्तीय ऑडिट व विधिक अनुपालन में
एक वर्ष में केवल एक ही योजना का लाभ (विशेष नियम)
कोई भी सदस्य अथवा उसका परिवार किसी भी 12 माह की निरंतर अवधि में केवल एक योजना के अंतर्गत ही आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेगा। एक ही वित्तीय वर्ष में एक से अधिक योजनाओं का लाभ एक ही सदस्य अथवा उसके परिवार को किसी भी दशा में नहीं दिया जाएगा।
यह प्रावधान उपलब्ध संसाधनों के संतुलित एवं न्यायसंगत वितरण, अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाने और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने हेतु लागू है।
बेटी विवाह योजना — संशोधित नियमावली (प्रभावी 01 सितम्बर 2026)
विशेष अनाथ बेटी प्रावधान सम्मिलितअनाथ बेटी विशेष संरक्षण नियम (Orphan Daughter Special Clause)
"जिनके माता पिता दोनों इस दुनिया में नहीं है तो उस बेटी के भाई ही नामनी होगा और अभिभावक होगा लेकिन बेटी ही मेम्बर होगी"
विस्तृत व्याख्या: यदि किसी परिवार में माता-पिता दोनों का देहावसान हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में उस बेटी का नाम ही संस्था में मुख्य सदस्य (Member) के रूप में दर्ज रहेगा। बेटी का सगा भाई उसका कानूनी अभिभावक (Guardian) तथा नामित नॉमिनी (Nominee) होगा। इस व्यवस्था से बेटी का सदस्य का दर्जा सुरक्षित रहता है और विवाह योजना का सहयोग सीधे बेटी के हित में प्राप्त होता है।
- योजना का संशोधित शुभारंभ: बेटी विवाह योजना का यह संशोधित एवं सशक्त रूप 01 सितम्बर 2026 से पूर्णतः प्रभावी माना जाएगा।
- सभी बेटियों को समान अवसर (संख्या सीमा समाप्त): पात्रता शर्तें पूरी करने वाली सदस्य की सभी पात्र बेटियां इस योजना में लाभ हेतु आवेदन कर सकती हैं। पूर्व में लागू संख्या-सीमा (प्रतिबंध) को समाप्त किया गया है। प्रत्येक बेटी के आवेदन का स्वतंत्र मूल्यांकन दस्तावेजों के आधार पर होगा।
- विवाह से 45 दिन पूर्व आवेदन अनिवार्य: जिस बेटी के विवाह हेतु सहयोग चाहिए, उसके विवाह की निर्धारित तिथि से कम से कम 45 दिन पूर्व पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, शादी का निमंत्रण कार्ड एवं वर-वधू का आयु प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा ताकि सत्यापन हेतु पर्याप्त समय रहे।
- सहयोग में 90% न्यूनतम भागीदारी: सदस्य को अपनी सदस्यता तिथि से बेटी के विवाह की तिथि तक संस्था के सभी सहयोग आह्वाणों में कम से कम 90% सक्रिय भागीदारी बनाए रखना अनिवार्य होगा।
- अधिकतम सहयोग राशि ₹21 प्रति सदस्य: इस योजना में प्रति सदस्य प्रति बेटी विवाह हेतु अधिकतम सहयोग राशि ₹21 निर्धारित है। संस्था सदस्य संख्या एवं परिस्थितियों के आधार पर इसे संशोधित कर सकती है।
- बाल विवाह निषेध: बाल विवाह को रोकने के उद्देश्य से विवाह तिथि को बेटी की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और वर की आयु न्यूनतम 21 वर्ष होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- वयस्क होने पर सदस्यता नियम: यदि बेटी 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी है, तो नियमानुसार उसकी स्वयं की सदस्यता एवं सक्रियता भी मान्य होगी। 18 वर्ष से कम होने पर 18 वर्ष पूर्ण होने के निर्धारित समय में सदस्यता औपचारिकता पूरी करनी होगी।
- स्वयं के विवाह पर अपात्रता: कोई भी सदस्य स्वयं के विवाह हेतु इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। यह लाभ केवल आश्रित बेटियों के लिए है।
- दंपति में से एक ही आवेदन: यदि पति और पत्नी दोनों संस्था के सदस्य हैं, तो एक ही बेटी के एक विवाह के लिए पति या पत्नी में से केवल एक व्यक्ति ही आवेदन कर सकेगा।
- भाई द्वारा बहन के विवाह हेतु आवेदन: माता-पिता की अनुपस्थिति में जब भाई अपनी बहन के विवाह हेतु आवेदन करेगा, तो भाई-बहन का संबंध प्रमाण, माता-पिता का मृत्यु प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक कानूनी साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
- आकस्मिक निधन योजना की स्वतंत्रता: बेटी विवाह योजना में सहयोग न करने से आकस्मिक निधन योजना की वैधानिकता स्वतः प्रभावित नहीं होगी, यदि आकस्मिक निधन की पृथक शर्तें पूर्ण हों।
भविष्य की कल्याणकारी योजनाएं
संस्था द्वारा भविष्य में सदस्यों के लिए सड़क दुर्घटना आपात राहत, गंभीर असाध्य रोग (कैंसर, किडनी, हार्ट सर्जरी), मेधावी छात्र-छात्राओं हेतु उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति तथा सिविल सर्विसेज/प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु नई योजनाएं लागू की जा सकती हैं। प्रत्येक नई योजना के नियम व शर्तें पोर्टल पर जारी की जाएंगी।
कानूनी परामर्श, विधिक क्षेत्राधिकार एवं विवाद निस्तारण
अनिवार्य कानूनी खंडलखनऊ क्षेत्राधिकार बाध्यता नियम (Exclusive Lucknow Legal Jurisdiction)
"यदि कोई पक्ष कानून से संबंधित परामर्श अथवा कानूनी कार्रवाई करना चाहता है, तो समस्त कानूनी विवादों का निस्तारण केवल लखनऊ स्थित क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ही किया जाएगा।"
कानूनी व्याख्या एवं सहमति: संस्था से जुड़ने वाला प्रत्येक सदस्य, पदाधिकारी, सहयोगी, दाता, नॉमिनी अथवा विधिक प्रतिनिधि यह स्वीकार करता है कि संस्था का प्रधान पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में स्थित है। अतः संस्था, सदस्यता, किसी भी योजना अथवा वित्तीय सहयोग से संबंधित किसी भी प्रकार के कानूनी परामर्श, दीवानी, फौजदारी, उपभोक्ता अथवा मध्यस्थता विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार अनन्य रूप से केवल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के सक्षम न्यायालय/प्राधिकरण में ही होगा।
- पारस्परिक संवाद एवं मध्यस्थता: किसी भी मतभेद अथवा असंतोष की स्थिति में सर्वप्रथम संस्था के केंद्रीय शिकायत निवारण प्रकोष्ठ (Grievance Cell) के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसे 30 कार्यदिवसों में सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
- अनन्य क्षेत्राधिकार: किसी भी पक्ष द्वारा यदि कोई विधिक नोटिस, याचिका अथवा कानूनी कार्रवाई की जाती है, तो उसकी संपूर्ण वैधानिक कार्यवाही लखनऊ (Lucknow, UP) स्थित न्यायालयों के ही अधीन संचालित होगी। अन्य किसी भी जिले अथवा राज्य का न्यायालय क्षेत्राधिकार सर्वथा अमान्य रहेगा।
19. आधिकारिक संस्था, बैंक खाता एवं पंजीकृत कार्यालय
संस्था के समस्त आधिकारिक लेन-देन हेतु अधिकृत खातावार्षिक सदस्यता शुल्क, स्वैच्छिक दान अथवा संस्थागत अंतरण केवल नीचे दिए गए अधिकृत बैंक खाते में ही स्वीकार किए जाते हैं। किसी भी निजी व्यक्ति के खाते में भुगतान न करें:
अंतिम एवं सर्वोपरि प्रावधान, डिजिटल सहमति व कानूनी स्वीकार्यता
संस्था के पोर्टल पर सदस्यता का ऑनलाइन फॉर्म भरना, वार्षिक दान जमा करना अथवा किसी भी कल्याणकारी योजना में सहयोग करना इस बात की निर्विवाद कानूनी स्वीकृति माना जाएगा कि सदस्य ने इन समस्त नियमों, शर्तों, अनाथ बेटी संरक्षण नियम तथा लखनऊ क्षेत्राधिकार बाध्यता को भली-भांति पढ़कर, समझकर पूर्णतः स्वीकार कर लिया है।